टांडा कला क्षेत्र में एक सप्ताह पूर्व आई तेज आंधी-तूफान के कारण कई पेड़ धराशायी हो गए थे। वहीं, टांडाकला से मारूफपुर, टांडा से नाथूपुर एवं टांडा से जुडा हर्धन को जाने वाले मुख्य मार्ग पर बबूल के व सिसम के पेड़ की एक, एक डाल सड़क के बीचों-बीच लटक रही है। हैरान करने वाली बात यह है कि लगभग 5, 6 दिन बीत जाने के बाद भी वन विभाग ने इसे हटाने की जहमत नहीं उठाई है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है।