दशहरा आते ही देशभर में रावण दहन की तैयारियां शुरू हो गई है। असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक इस पर्व पर रावण के पुतले जलाकर लोग परंपरा निभाते हैं। वहीं, बदायूं शहर के मोहल्ला साहूकारा स्थित एक अनोखा मंदिर इस परंपरा से अलग है। यहां दशहरा के दिन रावण की प्रतिमा की पूजा-अर्चना की जाती है। यही वजह है कि यह मंदिर आम लोगों के बीच रावण का मंदिर नाम से प्रसिद्ध है। मंदिर का निर्माण आज से करीब 100 साल पहले पंडित बलदेव प्रसाद शर्मा ने कराया था। बाद में उनकी देखरेख में यह मंदिर स्थानीय आस्था का केंद्र बना। उनके निधन के बाद उनके दामाद रवींद्र कुमार शर्मा ने इसकी जिम्मेदारी संभाली। अब यह दायित्व उनके नाती पंडित सुमित शर्मा के पास है। वे प्रतिदिन पूजा-पाठ करते हैं और दशहरा पर विशेष अनुष्ठान का आयोजन करते हैं।