मुहर्रम की दसवीं तारीख को धामपुर के ग्राम रसूलपुर सादात में मजलिस का आयोजन किया गया। मौलाना सैयद हयात नकवी ने खिताब करते हुए कर्बला के मैदान में यजीद और हजरत इमाम हुसैन के बीच हुए युद्ध का जिक्र किया। मजलिस के बाद गांव में मातमी जुलूस निकाला गया। सोगवारों ने नंगे पांव दहकते अंगारों पर चलकर और छुरियों से सीनाजनी मातम मनाते हुए खुद को लहूलुहान कर लिया। जुलूस में अलम ताजिया बरामद हुआ। जुलूस इमाम बारगाह से शुरु होकर गांव के मुख्य मार्गो से होता हुआ कर्बला पहुंचकर संपन्न हुआ, जहां ताजिया दफनाया गया। इस दौरान दिलशाद अली, इंतखाब जैदी, सलमान जैदी, समर अब्बास, असद अब्बास, अली मेंहदी आदि मौजूद रहे।