परिषदीय विद्यालयों में विकास के दावे के बीच आज भी तमाम समस्याएं अभिभावकों की चिंता बढ़ा रही है। सालों बाद कई विद्यालयों तक पहुंचने के लिए रास्ते नसीब नहीं हो सका है। कुछ विद्यालयों में कच्ची सड़कें कीचड़ से सन गई हैं। इससे विद्यालय तक पहुंचने में नौनिहालों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। प्राथमिक विद्यालय औराई द्वितीय में पहुंचने के लिए बच्चों को पगडंडी का सहारा लेना पड़ता है। इससे अभिभावकों को बच्चों खेत में फिसलकर गिरने से लेकर किसी विषैले जंतु के काटने का भी भय बना रहता है।