भदोही जिले के सुरियावां क्षेत्र के ग्राम तुलापुर बहादुरान छतमा में आयोजित सप्त दिवशीय श्रीमद् भागवत महापुराण में मंगलवार को डॉ. स्वामी प्रज्ञानानंद सरस्वती ने कहा कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्राणी को सर्वप्रथम अपने इंद्रियों पर विजय प्राप्त करना होगा। इंद्रियों को संयमित करने के लिए संगत उत्तम होनी चाहिए। बताया कि कलयुग में प्रायः मनुष्यों की दुर्दशा के मुख्य कारण कुसंगति और धैर्य का न होना है। कहा कि इंद्रियों को वश में करने के लिए सर्वप्रथम अपने आसन को जितना होगा। इसके लिए हमें अपने आपको आत्म संयमित रखना होगा और यही मनुष्य के कल्याण का मार्ग है। इस दौरान कैलाश मिश्रा, राज किशोर गिरि, उमाशंकर गिरि, विजय राज मिश्रा, बाबुलनाथ मिश्र, प्रभाकर शुक्ला, शिवपूजन मिश्रा, शिवधारा गिरि, नरसिंह बहादुर, वेद प्रकाश गौड़ आदि रहे।