कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार की शाम देव दीपावली की बिखरी स्वर्गिक छटा का अदभुत नजारा देखकर हर कोई हर्षित हो उठा। मानो देव लोक से साक्षात धरा पर देव आए है। गंगा की लहरों पर इठलाती दीपमालाएं, ज्ञानसरोवर पर लगी लेजर लाइट की रोशनी यहां आने वाले हर किसी को चकाचौंध कर रही थी।