कालीन नगरी में कार्तिक पूर्णिमा की शाम शुक्रवार को स्वर्गिक छटा देखने को मिली। भव्य तरीके से देव दीपावली मनाई गई। एक लाख 99 हजार 100 दिये से गंगा तट से लेकर मंदिर, ज्ञान सरोवर जगमग हो उठे। काशी के तर्ज पर देव दीपावली मनाई गई। गोपीगंज के बड़े शिव मंदिर पर सवा लाख, हरिहर नाथ मंदिर सहित ज्ञानसरोवर पर 51 हजार और सीतामढ़ी गंगा तट पर 21 हजार, सेमराधनाथ मंदिर पर 21 दिये जलाए गये। ढाई लाख लोग दीपोत्सव का साक्षी बने। इस सुनहरे अलौकिक पल को हर कोई अपने कैमरे में कैद करने को बेताब दिखा। कार्तिक पूर्णिमा की शाम सीतामढ़ी के महर्षि वाल्मीकि आश्रम गंगा तट पर देव दीपावली गंगा महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। इसी तरह गोपीगंज, ज्ञानपुर और सेमराधनाथ मंदिर सहित सीतामढ़ी के बाबा धवासानाथ आश्रम, मौनी बाबा, उड़िया बाबा, आश्रम गंगा तट पर दीपोत्सव कार्यक्रम मनाया गया। काशी के तर्ज पर गंगा आरती की गई। हरिहर नाथ मंदिर पर 51 हजार दिये जलाए गये, ज्ञानसरोवर को सजाया गया, यहां लेजर लाइट और साउंड की विशेष व्यवस्था रही, जो लोगों के लिए आकर्षक का केंद्र बनी।