भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदेश कमेटी के आवाह्रन पर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के उत्पीड़न का आरोप लगाया। वहीं राष्ट्रपति को संबोधित 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने उंचाहार-रायबरेली में हुई मॉबलिचिंग की घटना की जांच कराने की मांग की। इसके अलावा उनकी पत्नी को सरकारी नौकरीव बेटी के शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने, मृतक आश्रितों को 50 लाख मुआवजा देने, मृतक हरिओम वाल्मिकी के घर पर सुरक्षा के लिए सीसी कैमरा लगवाने, परिवार को शस्त्र लाइसेंस देने, फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना कर तत्काल दोषियों को सजा देने की मांग की। इसी तरह सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने वाले को कड़ी सजा देने और भदोही के चौरी चकभुईधर गांव के मुसहर बससी में लगी आग की जांच कराए जाने की मांग की। मौके पर राजेन्द्र प्रसाद कन्नौजिया, विजय कुमार, प्रेमचंद, सावित्री देवी, पारसनाथ बिंद, अजय, बंधन राम, भोलनाथ व रामअवध समेत अन्य रहे।