गोरखपुर में 10 साल की मासूम के साथ अपहरण और दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले को लेकर बृहस्पतिवार को भारतीय नाई कल्याण विकास सेवा समिति के पदाधिकारी ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने बच्ची के साथ इस जघन्य कृत्य को अंजाम देने वाले आरोपी पर सख्त सजा दिए जाने की मांग की। जिलाध्यक्ष कैलाश नाथ शर्मा ने बताया कि 28 जुलाई को गोरखपुर में जिला अस्पताल परिसर में 10 साल की मासूम का अपहरण कर उसके साथ शमशान घाट पर दुष्कर्म कर उसकी गला घोंट कर हत्या कर दी जाती है। कहा कि आरोपी डायल 112 में तैनात सिपाही को पुलिस ने बर्खास्त कर दिया है। वहीं उसकी गिरफ्तारी भी कर ली गई है। इस मामले के पहले भी वह इस तरह का कृत्य कर चुका था, लेकिन निलंबन के बाद उसकी बहाली कर दी गई। यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। वहीं पुलिस व जिला अस्पताल जैसी संस्थानों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है। मांग किया कि मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर आरोपी को कड़ी सजा दी जाए। पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाए, बच्ची के परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, प्रदेश के सभी अस्पतालों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हो और आरोपी पुलिसकर्मी को दोबारा बहाली कैसे हुई और उनका चरित्र सत्यापन कैसे किया गया। इसकी जांच कराई जाए। इस दौरान एड. मुकेश शर्मा, रामनारायण शर्मा, डॉ. शैलेश शर्मा, पंकज शर्मा, गौरव शर्मा व विनोद शर्मा आदि रहे।