बरेली प्रशासन ने बवाल के आरोपी मौलाना तौकीर रज़ा के करीबी मोहम्मद आरिफ के अवैध निर्माण पर सख़्त कार्रवाई करते हुए उसके तीन मंजिला शोरूम को ढहाने में दो दिन लगाए। शनिवार को छह घंटे तक बुलडोज़र चलाने के बावजूद इमारत हिली तक नहीं। इसके बाद रविवार को करीब 5 घंटे 20 मिनट तक पोकलेन मशीनों से लगातार तोड़फोड़ की गई, तब जाकर इमारत को जमींदोज़ किया जा सका। कार्रवाई के दौरान हाईटेंशन लाइन का खंभा टूटने से आसपास के इलाकों में देर रात तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
फ्लोरा गार्डन परिसर में यह शोरूम वैध जमीन पर बना था, लेकिन आरिफ ने बिना नक्शा पास कराए इसका निर्माण कराया था। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने बताया कि यही वजह इमारत को अवैध ठहराने के लिए पर्याप्त थी। इससे पहले शनिवार को बीडीए ने जगतपुर मार्ग पर अवैध भूमि पर बनी उसकी 16 दुकानों वाली दो मंजिला मार्केट भी ढहा दी थी।
रविवार को कार्रवाई के दौरान पोकलेन मशीन बार-बार फँसती रही और ईंधन खत्म होने जैसी दिक्कतें भी आईं, लेकिन तैयारियों के चलते काम बाधित नहीं हुआ। शाम 5:20 बजे शोरूम को पूरी तरह गिरा दिया गया। बीडीए ने दोनों दिनों में लगी मशीनों की लागत और कर्मचारियों के वेतन सहित करीब 5 लाख रुपये की वसूली आरिफ से करने की तैयारी शुरू कर दी है।
आरिफ पर आरोप है कि उसने 26 सितंबर को हुए बरेली बवाल में मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रज़ा को फंडिंग की थी। इसी वजह से प्रशासन उसकी गतिविधियों और संपत्तियों पर कड़ी नजर रखे हुए है। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. ने कहा कि बिना नक्शा स्वीकृत कराए किए गए किसी भी निर्माण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।