बाराबंकी। शहर के एक होटल में एसोसिएशन फॉर एडवोकेसी एंड लीगल इनिशिएटिव्ज ट्रस्ट (आली) द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न पर नियंत्रण के संबंध में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। आली की कार्यकारी निदेशक रेनू मिश्रा ने बताया कि राजस्थान की भंवरी देवी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के बाद कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की नींव रखी गई। उन्होंने बताया कि देश में हर 20 मिनट में एक महिला रेप का शिकार बनती है, जो एक चिंताजनक स्थिति है। मिश्रा ने कार्यस्थल और किसी भी स्थान पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की घटनाओं को दबाने के बजाय उनकी रिपोर्ट कराने पर बल दिया। इस प्रशिक्षण में सभी विभागों में गठित पोस कमेटियों के अध्यक्ष और सदस्य शामिल हुए, जिनमें एसडीएम सदर आनंद तिवारी, एसडीएम रामसनेहीघाट अनुराग सिंह, एसडीएम हैदरगढ़ राजेश विश्वकर्मा, एसडीएम फतेहपुर कार्तिकेय सिंह, सीओ राम नगर गरिमा पंत, महिला थानाध्यक्ष कुमारी रत्ना, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन प्रभारी मुन्नी सिंह, बीएसए नवीन कुमार पाठक आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे। आली की कार्यक्रम समन्वयक नीतू और उनकी टीम ने आयोजन में सहयोग किया। यह कार्यशाला कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने में मदद मिलेगी।