रामनगर। ज्वाइंट मैजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल ने सोमवार को रामनगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में भारी अनियमितताएं और शिक्षकों की लापरवाही सामने आई। उपस्थिति रजिस्टर में छात्र-छात्राओं की फर्जी अटेंडेंस दर्ज पाई गई, जिसे देखकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दंग रह गईं। सोमवार दोपहर करीब 2:25 बजे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम गुंजिता अग्रवाल खंड शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्रा के साथ नगर पंचायत स्थित बालिका जूनियर हाई स्कूल पहुंचीं। यहां सहायक अध्यापक सिद्धार्थ प्रकाश मिश्रा कक्षा 7 और 8 की छात्राओं को एक ही कक्ष में संयुक्त रूप से पढ़ाते मिले। निरीक्षण में कक्षा 7 की मात्र 10 छात्राएं ही उपस्थित थीं, जबकि रजिस्टर में 26 की उपस्थिति दर्ज थी। विद्यालय में कुल 165 छात्राओं के सापेक्ष उपस्थिति रजिस्टर में 65 छात्राओं की उपस्थिति दर्शाई गई थी, परंतु मौके पर मात्र 33 छात्राएं ही मौजूद मिलीं। इस पर एसडीएम का पारा चढ़ गया। जब उन्होंने फर्जी अटेंडेंस लगाने का कारण पूछा, तो शिक्षकों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। इस पर एसडीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए शिक्षकों को सख्त फटकार लगाई और कहा, “मुझे बेवकूफ मत बनाओ।” निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने छात्राओं से विषय संबंधित प्रश्न भी पूछे और शिक्षकों को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के निर्देश दिए। इसके बाद एसडीएम प्राइमरी स्कूल प्रथम पहुंचीं, जहां कुल 78 बच्चे पंजीकृत हैं। उपस्थिति रजिस्टर में 65 बच्चों की अटेंडेंस दर्ज थी, लेकिन मौके पर केवल 22 बच्चे ही मौजूद मिले। अन्य बच्चों के बारे में पूछने पर बताया गया कि वे घर चले गए हैं। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि दो कक्षाओं में पांच क्लासें संचालित हो रही थीं, जबकि एक कक्ष को स्टोर रूम बना दिया गया था, जिसमें खाद्यान्न सामग्री रखी थी। एसडीएम गुंजिता अग्रवाल ने बताया कि विद्यालयों की स्थिति बेहद खराब पाई गई है। संबंधित प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।