बाराबंकी में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रेल बजट में उत्तर प्रदेश को दो नए रेल कॉरिडोर की सौगात देते हुए तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के अधूरे कार्यों को तेज़ी से पूरा करने के संकेत दिए हैं। इसका सीधा और बड़ा फायदा बाराबंकी को मिलने जा रहा है, जो पूर्वोत्तर रेलवे के सबसे अहम जंक्शन में शुमार है। बाराबंकी रेलवे स्टेशन इसलिए खास है क्योंकि यहां से लखनऊ के साथ-साथ गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर होते हुए बिहार के छपरा तक जाने वाला 425 किलोमीटर लंबा प्रमुख रेल मार्ग गुजरता है, जो पूर्वोत्तर रेलवे की रीढ़ माना जाता है। वर्तमान में लखनऊ से बाराबंकी तक तीसरी और चौथी रेलवे लाइन का कार्य प्रगति पर है, वहीं अगले चरण में बाराबंकी से गोरखपुर होते हुए छपरा तक भी चार लाइनें बिछाने का प्रस्ताव है। यह कार्य पूरा होते ही राजधानी लखनऊ से लेकर बिहार तक रेल यातायात पूरी तरह निर्बाध हो जाएगा। चार लाइनें होने के बाद न तो मालगाड़ियों को रोका जाएगा और न ही ट्रेनों को एक-दूसरे को पास देना पड़ेगा। इससे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और समय की बड़ी बचत होगी। अनुमान है कि लखनऊ से अयोध्या का सफर महज एक से डेढ़ घंटे में पूरा हो सकेगा, जबकि बाराबंकी से लखनऊ की दूरी केवल 20 मिनट में तय हो जाएगी।