यूपी के बाराबंकी में किसान नेताओं की स्थिति दिन-ब-दिन दयनीय होती जा रही है। शिकायत लेकर कोतवाली जाने पर उन्हें धमकाने का आरोप है। धरना-प्रदर्शन करने पर प्रशासन परिसर को ही जेल में तब्दील कर देता है। हाल ही में नगर कोतवाली क्षेत्र में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जब किसान नेता अपनी समस्याओं को लेकर कोतवाल के पास गए। लेकिन, उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। किसान नेताओं का आरोप है कि उनके साथ गाली-गलौज करके धमकी दी जा है। इसके विरोध में किसान संगठनों के लोग गुरुवार को धरना-प्रदर्शन करने लगे। आधे दिन तक कोई अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा। इससे आक्रोशित किसान लखनऊ कूच करने की तैयारी करने लगे। इस पर पुलिस बल ने गन्ना संस्थान के गेट को बंद कर दिया। इससे वहां मौजूद किसान और अन्य लोग खुद को कैद महसूस करने लगे। किसानों ने इस घटना को लेकर नाराजगी जताई। इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। इस मौके पर कई प्रमुख किसान नेता मौजूद रहे। इनमें सुनील वर्मा, गुड्डू सिंह, लालजी यादव और विक्रांत सैनी शामिल थे। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वह बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।