बाराबंकी में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने तहसील रामनगर क्षेत्र के अति संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की। उनके साथ पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय, मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, संयुक्त मजिस्ट्रेट तेजस के. और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण की शुरुआत हेतमापुर शरणालय से हुई, जहां आपदा की स्थिति में ग्रामीणों के लिए अस्थायी आवास बनाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्माण की गुणवत्ता, पेयजल, शौचालय, बिजली, प्राथमिक चिकित्सा समेत जरूरी सुविधाओं की जानकारी ली। निर्देश दिया कि कार्य जल्द पूरा कराया जाए। इसके बाद हेतमापुर और सरसंडा (बबुरी) में सरयू नदी के किनारे हो रहे कटाव स्थलों का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से संवाद करके उनकी समस्याएं सुनीं। भरोसा दिलाया कि इस बार राहत व बचाव की सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएंगी। डीएम ने चहलारीघाट-गणेशपुर तटबंध पर 684.02 लाख की लागत से कराए जा रहे कटाव निरोधक कार्यों की प्रगति देखी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी काम बरसात शुरू होने से पहले पूरे कर लिए जाएं। यह तटबंध क्षेत्र की 8250 आबादी और 7622 हेक्टेयर कृषि भूमि की सुरक्षा करेगा। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समन्वय से कार्य करने, बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने, स्वास्थ्य टीमों की तैनाती और संक्रामक रोगों की रोकथाम की तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।