यूपी बोर्ड की ओर से 23 से 31 जनवरी के मध्य इंटरमीडिएट के बच्चों की प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराए जाने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। इससे पहले आंतरिक प्रयोगात्मक परीक्षाएं भी कराई जानी हैं। बावजूद इसके ज्यादातर सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्रयोगशालाएं निष्क्रिय पड़ी हुई हैं। यहां रखी मशीनें, उपकरण व अन्य सामग्री धूल फांक रही है। कई प्रयोगशालाओं के तो ताले ही नहीं खुल सके हैं। अब तक बच्चों ने सिर्फ कागजों पर ही प्रैक्टिकल किया है। अमर उजाला ने सोमवार को माध्यमिक विद्यालयों की प्रयोगशालाओं की पड़ताल कराई तो हकीकत खुलकर सामने आ गई। ऐसे में बोर्ड की ओर से भेजे जाने वाले परीक्षकों के सामने बच्चे प्रैक्टिकल कर पाएंगे या नहीं, यह कह पाना भी मुश्किल है। अमर उजाला के लिए बाराबंकी से प्रमन श्रीवास्तव की रिपोर्ट: - शहर के जीजीआईसी की रसायन विज्ञान प्रयोगशाला में पड़ी धूल। - जर्जर भौतिक और जीव विज्ञान प्रयोगशाला में लगा ताला।