बलरामपुर में उतरौला क्षेत्र में धनराज मौर्य हत्याकांड के नामजद अभियुक्त वारिस अली के खिलाफ प्रशासन ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पिपराराम में बलरामपुर-बस्ती हाईवे से सटी करोड़ों रुपये मूल्य की नवीन परती सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटवा दिया। राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बुलडोजर चलाकर कब्जे से जुड़े निर्माण को ध्वस्त कर भूमि को कब्जामुक्त कराया। जांच में भूमि सरकारी पाई गई, जिस पर आरोपित व अन्य लोगों द्वारा कब्जा किए जाने तथा उसे धीरे-धीरे मजार का स्वरूप देने की शिकायत मिली थी। कार्रवाई के दौरान उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सरोज, तहसीलदार वीरेंद्र प्रताप, थानाध्यक्ष गैड़ास बुजुर्ग राजीव मिश्र, राजस्व कर्मी तथा भारी पुलिस बल मौजूद रहा। प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। इसी दौरान पुलिस अधीक्षक विकास कुमार भी मौके पर पहुंचे और धनराज मौर्य के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने परिजनों को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।