फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बलरामपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्म और भक्त प्रह्लाद की कथा सुन भक्ति में डूबे श्रद्धालु

यूपी के बलरामपुर में हरैया सतघरवा क्षेत्र के दूबेपुरवा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, समुद्र मंथन और भक्त प्रह्लाद की कथा सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भगवान श्रीकृष्ण के भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। प्रवाचक आचार्य पंडित शिव शंकर तिवारी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए हुआ था। उन्होंने श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान ने कंस के अत्याचारों से पृथ्वी को मुक्त कराने के लिए जन्म लिया। उनके जीवन से सत्य, प्रेम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। समुद्र मंथन के प्रसंग का वर्णन करते हुए आचार्य ने कहा कि देवताओं और असुरों ने मिलकर अमृत प्राप्ति के लिए समुद्र मंथन किया था। मंथन से अनेक दिव्य रत्न निकले और अंत में अमृत कलश प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि यह कथा जीवन में धैर्य, परिश्रम और सहयोग का संदेश देती है। भक्त प्रह्लाद की कथा सुनाते हुए कहा कि सच्ची भक्ति करने वाले भक्त की रक्षा स्वयं भगवान करते हैं। हिरण्यकश्यप के अत्याचारों के बावजूद प्रह्लाद भगवान विष्णु की भक्ति से विचलित नहीं हुए और अंततः भगवान नरसिंह ने प्रकट होकर अधर्म का अंत किया। इस अवसर पर आयोजन समिति के सदस्य अमरेश कुंवर दूबे, रामू, शिवम, सूरज, प्रिंस, ऋषि, रामखेलावन, अयोध्या प्रसाद, शिव चरण और नाथू सहित तमाम श्रद्धालु मौजूद रहे।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें