बलिया में गोपालनगर-वशिष्ठ नगर सिवान पर कटान रोधी कार्य को लेकर ग्रामीणों को धरना स्थल पीपल का पेड़ सोमवार को नदी में समा गया है। इसी पेड़ के नीचे काफी दिनों से कटान पीड़ित कटान रोधी कार्य की मांग को लेकर धरना दे रहे थे। इसके बाद भी कटान पीड़ितों का धरना जारी रहा। उत्तरी दियरांचल के गोपाल नगर, वशिष्ठ नगर, गोपाल नगर टाड़ी, शिवाल मठिया गांव के सामने सरयू नदी द्वारा लगातार कटान करने के कारण ग्रामीण दहशत में है। गोपाल नगर टाड़ी पर रामनाथ यादव, देवनाथ यादव, संतोष यादव सहित आधा दर्जन लोगों का मकान कटान के मुहाने पर हैं। वहीं, गोपाल नगर टाड़ी में अवस्थित प्राथमिक पाठशाला कटान के मुहाने पर पहुंच गया है। कभी भी आधा दर्जन मकान व प्राइमरी पाठशाला नदी में विलीन हो सकता है। विडंबना यह है कि नदी के बिल्कुल किनारे आ गए परिसर में बच्चों की पढ़ाई बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है। शासन प्रशासन के उपेक्षात्मक रवैया के चलते कोढ़ में खाज बना हुआ है। वशिष्ठ नगर, गोपालनगर सिवान पर कटान तेज है। लगातार बस्ती की दूरी नदी से कम होती जा रही है। जिस पीपल के पेड़ के नीचे गांव के लोग शासन प्रशासन के विरुद्ध विगत चार दिनों से धरने पर बैठकर कटान-रोधी कार्य शुरू करने के मांग कर रहे थे, वह पीपल का पेड़ भी सोमवार को सरयू नदी के कटान में कट कर गिर गया।