बलिया जिले के दस दिन पूर्व तत्कालीन उप जिलाधिकारी संजय कुशवाहा के निर्देश पर बैरिया तहसील के भूलेख कार्यालय में में तैनात संविदा के भूलेख कंप्यूटर ऑपरेटर शैलेश भारती के तहरीर पर अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग को लेकर बैरिया तहसील बार एसोसिएशन ने शनिवार को तहसील पर जमकर नारेबाजी की। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह का शव यात्रा निकालाकर तहसील के मुख्य द्वार पर पुतला दहन किया। गौरतलब है कि अधिवक्ताओं व भूलेख कंप्यूटर ऑपरेटर के विवाद के बाद अधिवक्ताओं द्वारा न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया गया है। जो अभी भी जारी है। वहीं, इस संदर्भ में शुक्रवार को जिलाधिकारी से सभी तहसीलों के बार एसोसिएशन के अधिवक्ता मिलकर फर्जी मुकदमे को समाप्त करने व संविदा पर तैनात भूलेख ऑपरेटर की सेवा समाप्त करने, उसके द्वारा किए गए कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग की थी। इस पर जिलाधिकारी द्वारा कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई। जिसके फलस्वरूप शनिवार को अधिवक्ता काफी आक्रोशित और उग्र दिखे। उन्होंने जिलाधिकारी, जिला प्रशासन व तहसील प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उसके बाद तहसील बार एसोसिएशन द्वारा जारी प्रस्ताव तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार को सौंपा। अधिवक्ताओं ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार गुप्ता को ज्ञापन देने के लिए बाहर बुलाया गया था, किंतु वह समाधान दिवस पर बैठे रहे। अपने ना आकर ज्ञापन लेने के लिए तहसीलदार को भेज दिए। अधिवक्ताओं ने चेताया हैं कि अगर तत्काल फर्जी एफआईआर वापस नहीं लिया जाता है और भ्रष्ट भूलेख ऑपरेटर की सेवा समाप्त नहीं की जाती है। यह लड़ाई और तेज होगी। आर-पार की लड़ाई पूरे प्रदेश में अधिवक्ता लड़ने को तैयार हैं।