डॉ. विपुलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उक्त प्राकृतिक आपदा के बावजूद सरकारी अमले ने मौके पर जाकर सर्वे नहीं किया है। अगर किया भी गया है तो दोषपूर्ण तरीके से किया गया। उन्होंने खेती की लागत की चर्चा की। कहा कि किसानों को लागत और उत्पादन के अनुपात में मुआवजा मिलना चाहिए। सरकार प्रति एकड़ तीन क्विंटल अनाज उत्पादन के हिसाब से क्षतिपूर्ति देने की बात कर रही है, जबकि एक एकड़ में औसतन 25 क्विंटल खाद्यान्न उत्पन्न होता है। एमएसपी के रेट से किसानों को इस अनुपात में मुआवजा दिया जाना चाहिए। किसानों ने भी अपने विचार रखे और प्रशासन से तत्काल मुआवजा की मांग की।