बलिया में सरयू नदी के बढ़ते कटान को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बुधवार को तहसील बांसडीह के ग्राम चांदपुर और महाराजपुर का औचक निरीक्षण कर कटान प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली और बाढ़ खंड के अधिकारियों को तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बाढ़ खंड के अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि कटान रोकने के लिए अब तक 17 कटर लगाए जा चुके हैं। प्रत्येक कटर की चौड़ाई 12 मीटर, ऊंचाई चार मीटर और लंबाई आठ मीटर है। साथ ही कटान निरोधक कार्यों के लिए शासन से पांच करोड़ रुपये की धनराशि भी उपलब्ध हो चुकी है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महाराजपुर गांव को हर हाल में कटान से सुरक्षित रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड को निर्देश दिया कि सरयू नदी की धारा को मोड़ने के लिए जिओट्यूब की व्यवस्था तत्काल की जाए। उनका कहना था कि जिओट्यूब लगाए जाने से नदी की धारा का रुख बदलेगा और कटान की तीव्रता को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। डीएम ने अधिकारियों को आगाह किया कि आने वाले दिनों में सरयू नदी का जलस्तर करीब दो मीटर तक बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सभी सुरक्षा और बचाव कार्य समय से पहले पूरे कर लिए जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि बाढ़ एवं कटान निरोधक कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय ग्रामीणों ने प्रशासन की सक्रियता पर संतोष जताया। जिलाधिकारी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि संभावित बाढ़ और कटान से गांवों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं। इस अवसर पर बांसडीह विधायक केतकी सिंह, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।