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VIDEO: सीताहरण, रावण वध और राम राजगद्दी प्रसंग का हुआ ओजपूर्ण वर्णन, आज भंडारे के साथ होगा समापन

रूपईडीहा बहराइच। स्थानीय धर्मशाला में चल रही श्रीराम कथा के अंतिम दिन प्रवाचक मंजूलता ने अपने प्रवचन में सीताहरण, रावण वध एवं राम राजगद्दी के प्रसंगों का अत्यंत ओजपूर्ण और भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे। प्रवाचक ने बताया कि रावण द्वारा माता सीता का हरण अधर्म और अहंकार का प्रतीक था, जिसके परिणामस्वरूप उसका विनाश निश्चित हुआ। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने समझाया कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, उसका अंत निश्चित है। रावण वध का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने धर्म की स्थापना और अधर्म के नाश के लिए रावण का वध किया, जो सत्य की विजय का प्रतीक है। राम राजगद्दी के प्रसंग में उन्होंने बताया कि अयोध्या लौटने के बाद भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ, जिसे रामराज्य के रूप में जाना जाता है। यह आदर्श शासन, न्याय, समानता और जनकल्याण का प्रतीक है। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए और पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम के समापन अवसर पर आज भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। इस अवसर पर रतन अग्रवाल, चेयरमैन डॉ. उमाशंकर वैश्य, देवेंद्र पाठक,राजू सिंह,अनिल अग्रवाल, सुशील बंसल, बलराम मिश्रा, कृष्णामोहन सिंह, रामचंद्र अग्रवाल, सीताराम अग्रवाल, बंटी अग्रवाल, नरेश मित्तल, महेश मित्तल, गोपाल अग्रवाल, रामकुमार वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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