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VIDEO : विश्व गौरैया दिवस पर कार्यशाला आयोजित, संरक्षण के लिए स्कूली बच्चों को किया गया जागरूक

यूपी के बहराइच में गुरुवार को 'विश्व गौरैया दिवस' मनाया गया। इस अवसर पर तेजवापुर ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय, चैनपुरवा सेकंड में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें बच्चों को गौरैया संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। फ्रेंड्स आफ कतर्नियाघाट संस्था ने गौरैया के रुकने के लिए स्कूल को पांच बॉक्स लगाने के लिए भेंट किए।  संस्था प्रमुख बीडी लखमानी ने बच्चों को बताया कि गौरैया हल्के भूरे रंग की एक छोटी चिड़िया है। उसके पंख अधिकतर काले या घूसर रंग के होते हैं। इसका मनुष्य के वासस्थानों से प्रबल संबंध रहा है। आज गौरैया लुप्त होती जा रही है। क्योंकि, आधुनिक घरों में उसे घोसले बनाने की जगह नहीं मिलती है। गौरैया काकून, बाजरा, पके हुए चावल के दाने आदि खाती है। प्राकृतिक भोजन के स्रोत समाप्त होते जा रहे हैं। छोटे पेड़ एवं झाड़ियों के काटे जाने के कारण इनके प्रजनन में बाधा होती है। गौरैया बबूल, कनेर, नींबू, अमरूद, अनार, मेहंदी व बांस आदि पेड़ों को पसंद करती है। मोबाइल टावरों से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक किरणें गौरैया को उत्तेजित करती हैं। साथ ही उनकी प्रजनन क्षमता कम करती हैं।     बीडी लखमानी ने कहा कि हमें गौरैया का संरक्षण करना चाहिए। इसके लिए हमें घरों में बने घोसलों का संरक्षण करना चाहिए। उनके लिए दाना पानी की व्यवस्था करनी चाहिए। अगर हमारे घर में उनके रहने के लिए जगह नहीं है तो घर में लकड़ी के बने गौरैया बॉक्स लगाकर दाना पानी रखना चाहिए। इस अवसर पर स्कूल शिक्षक जेपी शर्मा, शिक्षिकाओं में अंजुल धवन, जूही साहू सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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