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कागजों में ओडीएफ घोषित हो गया बहराइच का पचपकरी वार्ड, 85 फीसदी लोग खुले में जा रहे शौच

यूपी के बहराइच में सरकार और अधिकारियों द्वारा खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) की घोषणा भले ही कर दी गई हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। नगर पंचायत रुपईडीहा के पचपकरी वार्ड में अधिकांश घरों में अब तक शौचालय नहीं बने हैं। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि वार्ड में केवल 10 से 15 प्रतिशत परिवारों में ही शौचालय है। जबकि, 85 से 90 प्रतिशत लोग आज भी खुले में शौच को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें सरकार की शौचालय योजना का कोई लाभ अब तक नहीं मिला है। इस्लामुल की पत्नी सबीनूर, समीदा पत्नी नसीम, जगराम पुत्र रामलखन, शिवकली पत्नी रामनिवास, प्रमोद पुत्र रंगीला, कांछी पत्नी घूरे, पुष्पा पत्नी दीपक, सुनीता पत्नी गोविंद, तीरथराम पुत्र विक्रम, राजकुमारी पत्नी ओंकार, मीना पत्नी राजवंत, सुशीला पत्नी भगवंत, मंजू पत्नी विष्णु, गीता पत्नी रामदीन सहित दर्जनों ग्रामीणों ने शौचालय योजना का लाभ दिए जाने की मांग की है। ग्रामीणों में इसलिए भी आक्रोश है, क्योंकि हाल के दिनों में शौच के लिए जाते समय एक बच्ची पर बाघ का हमला हुआ था। इस घटना के बाद आदर्श नगर पंचायत, रुपईडीहा द्वारा वैकल्पिक शौचालय और पानी का टैंकर तो खड़ा कर दिया गया है। लेकिन, ग्रामीणों का सवाल है कि यह अस्थायी व्यवस्था स्थायी शौचालय में कब बदलेगी। लोगों का कहना है कि जब तक हर घर में शौचालय नहीं बनेगा, तब तक खुले में शौच से मुक्ति और सुरक्षा दोनों केवल कागजी दावा ही बनी।

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