यूपी के बहराइच में रुपईडीहा स्थित धर्मशाला में श्रीराम कथा का आयोजन हो रहा है। शुक्रवार को कथा वाचिका मंजूलता ने ताड़का वध एवं अहिल्या उद्धार का अत्यंत मार्मिक और भक्तिमय वर्णन किया। इसे सुनकर श्रोता भाव विभोर हो उठे। कथा वाचिका ने बताया कि भगवान श्रीराम ने ऋषि-मुनियों की रक्षा के लिए राक्षसी ताड़का का वध किया। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने समझाया कि धर्म की रक्षा और अधर्म का नाश करना ही भगवान का उद्देश्य होता है। ताड़का वध से यह संदेश मिलता है कि समाज में व्याप्त बुराइयों का साहसपूर्वक सामना करना चाहिए। इसके साथ ही अहिल्या उद्धार प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम के चरण स्पर्श से अहिल्या का उद्धार हुआ। यह प्रसंग भगवान की करुणा, दया और भक्तों के प्रति उनके प्रेम को दर्शाता है। कथावाचिका ने कहा कि सच्ची भक्ति और विश्वास से जीवन के सभी कष्ट दूर हो सकते हैं। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए और पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर रतन अग्रवाल, चेयरमैन डॉ. उमाशंकर वैश्य, अनिल अग्रवाल, सुशील बंसल, बलराम मिश्रा, कृष्णामोहन सिंह, रामचंद्र अग्रवाल, सीताराम अग्रवाल, बंटी अग्रवाल, नरेश मित्तल, महेश मित्तल, गोपाल अग्रवाल, रामकुमार वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।