मंगलवार तड़के 3 बजे शुरू हुई भारी बारिश, गरज और बिजली के साथ, ने भीषण गर्मी और उमस से राहत तो दी, लेकिन जिले भर में बुनियादी ढांचे की कमी को भी उजागर कर दिया। जलभराव, लंबे समय तक बिजली कटौती और कई स्थानों पर पेड़ गिरने के कारण शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को जिले में अधिकतम तापमान 35°C और न्यूनतम तापमान 26°C दर्ज किया गया। रात भर हुई बारिश के साथ-साथ बिजली की सप्लाई में भी बार-बार रुकावटें आईं। फ्रीगंज, नज़ीरपुरा, दरगाह, घसियारीपुरा, चांदपुरा और नईबस्ती जैसे शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों के लोगों को भी रात भर जागना पड़ा। कम वोल्टेज और बार-बार बिजली जाने की वजह से पीने के पानी की सप्लाई पर भी असर पड़ा। रुपईडीहा कस्बे में हल्की बारिश ने ही नेशनल हाईवे-927 की जलनिकासी व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी। सेंट्रल बैंक चौराहा, संकट मोचन मंदिर और सब्जी मंडी के आसपास सड़क पर पानी भर गया। पैदल यात्रियों और दोपहिया चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। सभासद अंकित अग्रवाल, पार्वती वर्मा आदि का कहना है कि आईसीपी रोड के पास पाइप तो डाल दिए गए, लेकिन नालों की सफाई नहीं कराई गई, जिससे पूरी व्यवस्था बेअसर साबित हुई।