बागपत जिले के दोघट थाना क्षेत्र के गांगनौली गांव में हुए तिहरे हत्याकांड के बाद नया मोड़ सामने आया है। मस्जिद के मुफ्ती इब्राहिम सोमवार को अपना सामान समेटकर गांव और मस्जिद छोड़कर अपने पैतृक गांव सुन्ना (जिला शामली) चले गए। ग्रामीणों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कहा कि पत्नी और दो बेटियों की हत्या के बाद उनकी दुनिया उजड़ गई है, इसलिए अब यहां रहना संभव नहीं।
मुफ्ती इब्राहिम के जाने के बाद मस्जिद की देखरेख की जिम्मेदारी कमेटी को सौंप दी गई है। कमेटी के सदस्यों ने बताया कि जब तक नया मुफ्ती नहीं आता, नमाज और साफ-सफाई की व्यवस्था कमेटी संभालेगी।
शनिवार को मस्जिद में मुफ्ती इब्राहिम की पत्नी आलिमा इसराना (30), बेटियां सोफिया (5) और सुमाइया (2) की दो किशोरों ने बसूली से सिर कुचलकर हत्या कर दी थी। दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर आला-ए-कत्ल बरामद कर लिया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे मस्जिद में दीनी तालीम लेने आते थे। मुफ्ती व उनकी पत्नी के डांटने पर गुस्से में हत्या की योजना बनाई थी।
घटना के बाद शव उठाने गई पुलिस पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया था। एसआई प्रांशु राजपूत की तहरीर पर पुलिस पर हमला, तोड़फोड़ और पथराव के आरोप में सपा नेता सुरेंद्र उर्फ सुंदर सहित 29 नामजद और 60 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। दस महिलाएं भी आरोपियों में शामिल हैं। पुलिस वीडियो और फोटो के आधार पर पहचान कर कार्रवाई कर रही है।
मामले के बाद सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, रालोद विधायक गुलाम मोहम्मद सहित कई नेताओं ने मुफ्ती इब्राहिम से मिलकर सांत्वना दी। अब मस्जिद में पुलिस बल हटा लिया गया है और गांव में शांति बनी हुई है।