निरंजनी अखाड़े के संत श्री 108 स्वामी अजीतानन्द जी महाराज सोमवार को जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा। जिसमें उल्लेख किया है कि श्रीरामपुर गंगा घाट स्थित मुक्तिधाम के समीप स्थित आश्रम तप तपस्या एवं निवास करते है। हमारे आश्रम से सटे मुख्य द्वार पर ही शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। शौचालय के निर्माण कार्य को रोकने के लिए विगत सात जुलाई को पत्र सौंपा था। इसके बाद 10 जुलाई 2025 को रजिस्ट्री पत्र के माध्यम से भी अवगत कराया चुका हूं। इसके बाद भी शौचालय का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उनका कहना है मुक्तिधाम परिसर में शौचालय का निर्माण कराया जा चुका है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग किया कि शौचालय का निर्माण कार्य तत्काल रोकने के साथ अन्यत्र कराया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हमें जिलाधिकारी से मिलने के लिए डेढ़ घंटे इंतजार कराया गया। स्वामी अजीतानन्द ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बताया कि वे जिलाधिकारी से मिलने के लिए डेढ़ घंटे तक लाइन में खड़े रहे। उन्होंने कहा, जब मैं डीएम साहब से मिलने अंदर गया, तो वहां तैनात होमगार्ड और पुलिसकर्मियों ने मेरे साथ बदतमीजी की. संत के राज्य में अगर एक संत की सुनवाई नहीं हो रही है, तो यह बेहद निराशाजनक है।