रामनगरी अयोध्या में विजयदशमी पर रावण दहन की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। रामलीला स्थल पर दो अक्तूबर को भव्य रावण दहन का आयोजन किया जाएगा। इस बीच शहर के रीडगंज निवासी मुस्लिम कारीगर अजमतउल्लाह सुर्खियों में हैं, जो पिछले 40 वर्षों से रावण के पुतले बना रहे हैं। अजमतउल्लाह की कला इतनी लोकप्रिय है कि अयोध्या ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों से भी उन्हें ऑर्डर मिलते हैं। धर्म से भले ही वे मुस्लिम हों, लेकिन वे पूरे मनोयोग से रावण का पुतला तैयार करते हैं। अजमतउल्लाह का कहना है कि अब तक वे रावण के हजारों पुतले बना चुके हैं। इन पुतलों की कीमत 2000 रुपये से लेकर 35 हजार रुपये तक होती है, जो उनके आकार और सजावट पर निर्भर करती है। उनकी यह परंपरा अयोध्या की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे का उदाहरण है, जहां धर्म से ऊपर उठकर संस्कृति और परंपरा को निभाया जाता है।