मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां और गोवंश को लेकर कथित अभद्र टिप्पणी के मामले में अयोध्या के संत समाज में नाराज़गी देखने को मिल रही है। अयोध्या के तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगदगुरु परमहंस आचार्य ने बिहार के मौलाना अब्दुल्लाह सलीम के बयान पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अब्दुल्लाह सलीम का पोस्टर जलाया लेकिन पोस्टर जलाने से पहले उसे पैरों के नीचे रौंदा और साथ ही अब्दुल्लाह सलीम को 72 हूरों के पास भेजने वाले को एक करोड़ के इनाम की घोषणा भी की है। रविवार को परमहंस आचार्य ने विरोध जताते हुए अब्दुल्लाह सलीम का पोस्टर जलाया और उस पैरों तले रौंदकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। जगद्गुरू परमहंस आचार्य ने आरोप लगाया कि मातृशक्ति और गोवंश के खिलाफ इस प्रकार की भाषा का प्रयोग अस्वीकार्य है और इससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए अब्दुल्लाह सलीम के खिलाफ देशद्रोह और एनएसए के तहत कार्रवाई की जाए। परमहंस आचार्य ने यह भी कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और आस्था से जुड़ी हुई है और मातृशक्ति के खिलाफ अपमानजनक बयान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। आज मातृ दिवस के मौके पर उन्होंने इस बयान के विरोध में प्रदर्शन करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।