सरयू जयंती की पूर्व संध्या पर रविवार को पावन सरयू तट पर श्रद्धा और आस्था का भव्य संगम देखने को मिला। समाजसेवी कौस्तुभ आचारी के नेतृत्व में मां सरयू का पांच कुंतल दूध से दुग्धाभिषेक किया गया। इस दौरान एक कुंतल पुष्प अर्पित कर मां सरयू का भव्य श्रृंगार और पूजन भी संपन्न कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुए अभिषेक में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और मां सरयू से लोककल्याण, सुख-समृद्धि तथा विश्व शांति की कामना की। पूजन के बाद सरयू आरती भी आयोजित की गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर मां सरयू का आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजक कौस्तुभ आचारी ने बताया कि वह प्रत्येक वर्ष सरयू जयंती की पूर्व संध्या पर मां सरयू का दुग्धाभिषेक कराते हैं। इस वर्ष भी परंपरा के अनुसार पांच कुंतल दूध और एक कुंतल पुष्प अर्पित कर भव्य आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि मां सरयू अयोध्या की आस्था और सनातन संस्कृति की जीवनधारा हैं, जिनकी आराधना से जनकल्याण की भावना मजबूत होती है।