ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुधवार को जिलेभर में दवा व्यवसायियों की एक दिवसीय हड़ताल रही। थोक व फुटकर समेत करीब 650 मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे मरीजों और तीमारदारों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। जिला अस्पताल गेट के सामने कई लोग दवा के लिए भटकते नजर आए। रिकाबगंज हनुमानगढ़ी निवासी रामेंद्र ने बताया कि भाभी की दवा के लिए काफी परेशान होना पड़ा और अंततः जन औषधि केंद्र से सब्स्टीट्यूट दवा लेकर काम चलाना पड़ा। वहीं कंधारी बाजार निवासी राकेश वाधवानी ने कहा कि मोच की दवा लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने ऑनलाइन दवा बिक्री का विरोध करते हुए कहा कि बिना डॉक्टर की सलाह दवा मिलना मरीजों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है पर मरीज व तीमारदार का ध्यान भी मेडिकल व्यवसाईयों को रखना चाहिए।