अयोध्या के रूदौली में पशुओं को खुरपका-मुंहपका और गलाघोंटू जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए चलाया जा रहा टीकाकरण अभियान पैरावेट और पशु टीकाकर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते प्रभावित हो रहा है। मानदेय बढ़ाने, सेवा को स्थायी करने और ऑनलाइन कामकाज में आ रही दिक्कतों को दूर करने की मांग को लेकर कर्मी कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। इससे पशुओं के खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है। रूदौली क्षेत्र में 36 हजार पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष अब तक करीब पांच हजार पशुओं का टीकाकरण हो सका है। बड़ी संख्या में पशुओं के टीकाकरण से वंचित रहने के कारण पशुपालकों में चिंता है। शुजागंज के मानपुर निवासी नीरज और रामकेवल यादव ने बताया कि उनके पशुओं को पिछले दो वर्षों से कोई टीका नहीं लगाया गया है। वहीं बिचाला गांव के कुलदीप यादव, रामखिलावन और भिखारी ने बताया कि उनके गांव में कई वर्षों से गाय और भैंसों का टीकाकरण नहीं हुआ है। भैसोली ग्राम पंचायत के खरगी पुरवा निवासी रामनेवाज यादव ने बताया कि गांव में टीकाकरण न होने से पशुओं में गलाघोंटू बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। पशु विभाग को समय रहते गांव-गांव पहुंचकर सभी पशुओं का टीकाकरण कराना चाहिए। कुंडरा के खदरा में पांच भैंसों की मौत मवई क्षेत्र के कुंडरा के खदरा गांव में गलाघोंटू बीमारी से पांच भैंसों की मौत होने का मामला सामने आया है। गांव निवासी हरिप्रसाद यादव की भैंस भी गलाघोंटू बीमारी की चपेट में आ गई थी। काफी इलाज के बाद उसकी जान बच सकी। इसी गांव में बीमारी के चलते महाराज सरन की एक, रामजी की तीन और घुन्नी की एक भैंस की मौत हो गई।