हवाई हमले की संभावित स्थिति से निपटने और नागरिकों को सतर्क करने के उद्देश्य से रामनगरी अयोध्या में भी ब्लैकआउट का पालन किया गया। जैसे ही शाम के छह बजे, पूरे शहर की बिजली एक साथ बंद कर दी गई और अयोध्या अंधेरे में डूब गई। ब्लैकआउट के दौरान घरों, दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सरकारी कार्यालयों की लाइटें बंद रहीं। सड़कों पर लगी स्ट्रीट लाइटें भी नहीं जलीं, जिससे युद्धकाल जैसी स्थिति में बचाव का अभ्यास किया गया। प्रशासन की ओर से पहले ही लोगों से अपील की गई थी कि ब्लैकआउट के समय सभी नागरिक अपने घरों की बिजली, इन्वर्टर और अन्य रोशनी के साधन बंद रखें। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य हवाई हमले की स्थिति में दुश्मन को लक्ष्य पहचानने से रोकना और जनहानि को कम करना है। प्रशासन ने बताया कि यह एक पूर्व अभ्यास है, जिससे आपात स्थिति में लोगों को सही तरीके से प्रतिक्रिया देने की आदत पड़े। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते नजर आए और मॉक ड्रिल को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।