सावन के तीसरे सोमवार के मौके पर रामनगरी अयोध्या में आस्था का सैलाब उमड पड़ा। सुबह से ही श्रद्धालु सरयू स्नान कर भगवान राम के पुत्र कुश की ओर से स्थापित सिद्धपीठ नागेश्वर नाथ मंदिर में जलाभिषेक कर रहे हैं। भोर से ही दर्शन पूजन का दौर शुरू हो गया है। जिला प्रशासन के मुताबिक सुबह से लगभग तीन लाख से अधिक श्रद्धालु नागेश्वर नाथ पर जलाभिषेक कर चुके हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। सरयू स्नान कर नागेश्वरनाथ में जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं के लिए राम की पैड़ी में छोटे-छोटे बैरिकेड लगाए गए हैं और छोटे-छोटे टुकड़े में ही शिवभक्तों को जलाभिषेक के लिए छोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही सभी तरह के भारी वाहनों का प्रवेश नया घाट से राम की पैड़ी तक पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरयू नदी में भी स्नान के लिए बैरिकेड लगाए गए हैं। आसपास के जिलों के भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में अयोध्या पहुंचे हैं और सावन के तीसरे सोमवार के मौके पर सरयू में स्नान कर रहे हैं। इस बार सावन माह में भगवान शिव की आराधना के लिए चार सोमवार पड़ेगा। सावन माह में राम की नगरी भोलेनाथ के जय घोष से गूंज रही है। शिव के प्रिय सावन मास में शिव की आराधना कर के श्रद्धालु प्रसन्न हैं। अयोध्या पहुंचे श्रद्धालु दर्शन पूजन कर भगवान से देश, अपने परिजन और प्रियजन के लिए सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांग रहे हैं। अयोध्या पहुंचे श्रद्धालु उत्साहित हैं। सुबह 3:00 से ही सरयु में स्नान करने के साथ जलाभिषेक का दौर शुरू हो चुका है। नागेश्वर नाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु कतार में लगकर भगवान शिव को जल चढ़ा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर के गर्भ गृह की क्षमता के अनुरूप श्रद्धालुओं को प्रवेश प्रशासन के द्वारा दिया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है। अयोध्या में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर के भी श्रद्धालु उत्साहित दिखे। श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन करने की प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया है।