परसावां महौला में सस्ते गल्ले की दुकान के चयन पर बवाल, ग्रामीणों के मतदान पर कोटा चयन की मांग पर टली बैठक तारुन:ग्राम पंचायत परसावां महोला में मंगलवार को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के चयन के लिए बुलाई गई खुली बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। ग्रामीणों ने हाथ उठाकर मतदान कराने का विरोध किया और पर्ची से गुप्त मतदान कराने की मांग पर अड़ गए। जिसके चलते चयन प्रक्रिया को बीच में ही रोकना पड़ा। जानकारी के अनुसार गांव के कोटेदार सुरेंद्र प्रताप सिंह का कुछ दिन पहले निधन हो गया था। उनके निधन के बाद से यह सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान रिक्त चल रही थी। इसी के चयन के लिए ब्लॉक प्रशासन की ओर से बैठक आयोजित की गई थी। बैठक शुरू होते ही ग्रामीणों ने हाथ उठाकर वोटिंग का विरोध कर दिया। उनका कहना था कि खुले में मतदान कराने से निष्पक्षता प्रभावित होती है। दबाव के चलते लोग अपनी मर्जी से प्रत्याशी का चयन नहीं कर पाते। ग्रामीणों ने मांग की कि पर्ची के माध्यम से गुप्त मतदान कराकर ही नए कोटेदार का चयन किया जाए।मौके पर मौजूद अधिकारियों ने ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बन सकी। विरोध के चलते बैठक को आगे नहीं बढ़ाया जा सका। ग्राम प्रधान गया प्रसाद कनौजिया ने बताया कि ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के चयन की प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि वर्तमान नियमों के अनुसार समूहों को ही कोटे के संचालन की जिम्मेदारी दी जाती है। सहायक विकास अधिकारी सहकारिता अमित कुमार सिंह ने बताया कि अब कोटे के चयन के लिए अगली बैठक 14 जुलाई को आयोजित की जाएगी। उस दिन सभी पक्षों से बातचीत कर सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाएगा।" बैठक में सहायक विकास अधिकारी पंचायत हुसैन फारुकी ,सचिव महेंद्र कुमार वर्मा, महेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार सहित तमाम विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।