रामनवमी पर इस बार प्रशासन को अनुमान है कि 25 से 30 लाख श्रद्धालु अयोध्या आएंगे। ऐसे में सुगम दर्शन कराने के लिए राम मंदिर परिसर में व्यवस्था बदली जाएगी। श्रद्धालुओं को श्रीराम जन्मभूमि दर्शन मार्ग से प्रवेश मिलेगा। जबकि निकासी गेट नंबर तीन से होगी। यही व्यवस्था महाकुंभ के दौरान भी लागू की गई थी। कमिश्नर गौरव दयाल ने बताया कि इस वक्त रोजाना एक लाख की संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। रामनवमी पर यह संख्या 30 लाख तक पहुंच सकती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की। कमिश्नर ने कहा कि सभी को सुगम दर्शन कराने की व्यवस्था की जा रही है। यदि किसी को कोई दिक्कत होती है तो अपने पास के मजिस्ट्रेट और पुलिस अफसर को बताएं। धक्का मुक्की न करें, इससे अव्यवस्था होती है। कमिश्नर के अनुसार रामनवमी के लिए प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट ने संयुक्त प्लान तैयार कर लिया है। परिस्थितियों के अनुसार इन्हें अलग-अलग तरीके से लागू किया जाएगा। श्रद्धालुओं को गर्मी और धूप के चलते छाया देने की व्यवस्था की जा रही है। पेयजल के इंतजाम रहेंगे। फर्श पर दरी बिछाई जाएगी। सूर्य तिलक और आरती के समय श्रद्धालुओं को होल्डिंग एरिया में रोका जाएगा। यहां पर भी उनको सभी सहूलियत उपलब्ध कराने का प्रयास होगा। रामपथ और भक्तिपथ पर भी श्रद्धालुओं को सहूलियत देने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं।