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अयोध्या में ठंड बढ़ने के साथ रामलला और हनुमंत लला के राग भोग में भी बदलाव, आरती का समय भी बदला

रामनगरी अयोध्या में शरद ऋतु की ठंड बढ़ने के साथ ही पांच वर्षीय बाल स्वरूप रामलला और हनुमानगढ़ी में हनुमंत लला की सेवा-सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में आरती का समय भी बदला गया है। बढ़ती ठंड के बीच रामलला के शयन का समय एक घंटे बढ़ गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट रामलला को ठंड से बचाने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। रामलला के स्नान और अभिषेक में अब गुनगुने पानी का उपयोग किया जा रहा है, ताकि मौसम के प्रभाव से उनकी दिव्य सेवा प्रभावित न हो। भोग राग व्यवस्था में भी मौसमी बदलाव किए गए हैं। केशर मिश्रित गर्म दूध, खीर और पौष्टिक ड्राई फ्रूट नियमित रूप से भोग में शामिल किए जा रहे हैं।वस्त्रों और शयन व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। रामलला को ऊनी गर्म वस्त्र पहनाए जा रहे हैं, जबकि रात्रि शयन के समय विशेष तौर पर जयपुर से मंगाई गई जयपुरिया रजाई ओढ़ाई जा रही है। गर्भगृह के तापमान को संतुलित रखने के लिए ब्लोअर और हीटर लगाए गए हैं, जिससे बाल स्वरूप आराध्य को किसी प्रकार की ठंड महसूस न हो। ट्रस्ट के अनुसार हर ऋतु के अनुसार भगवान के भोग, प्रसाद और वस्त्रों में परिवर्तन परंपरा का हिस्सा है। भक्तों की भावना है कि बाल स्वरूप में भगवान को भी ठंड लगती है, इसलिए उनकी सेवा में विशेष करुणा और सावधानी बरती जाती है। इसी तरह हनुमानगढ़ी और अयोध्या के अन्य मंदिरों में भी विग्रहों के लिए गर्म वस्त्र, रजाई और हीटर की व्यवस्था की गई है।

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