अयोध्या में पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ने राम मंदिर दान प्रकरण को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच कराने की मांग की है। सिविल लाइन स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि दानपात्र में कथित अनियमितताओं से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था आहत हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व कर्मचारी महिपाल सिंह की ओर से शिकायत किए जाने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पांडेय ने सवाल उठाया कि बिना एफआईआर के एसआईटी जांच किस आधार पर चल रही है। उन्होंने गोबर के ढेर से नकदी और अन्य स्थानों से आभूषण मिलने संबंधी मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि यदि बरामदगी हुई है तो प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं कराई गई। पूर्व मंत्री ने आठ माह की सीसीटीवी फुटेज हटाए जाने के आरोपों की भी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में चारों शंकराचार्यों और अयोध्या के प्रमुख संतों को शामिल किया जाना चाहिए। साथ ही सभी आरोपों, नियुक्तियों और संपत्तियों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।