अयोध्या के तारुन में हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी की याद में हर साल की तरह इस साल भी मुल्क-ए-हिंदुस्तान में मोहर्रम अकीदत से मनाया गया। इमाम हुसैन ने दुनिया को पैगाम दिया कि हमेशा हक पर रहना चाहिए और हक का साथ देना चाहिए। अमन-चैन के साथ हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई हर धर्म के लोग इमाम हुसैन से मोहब्बत करते हैं। क्षेत्र से इस बार कुल 47 ताजिए उठे और 27 स्थानों से जुलूस निकाले गए। सभी जुलूस थाना प्रभारी लालचंद सरोज के नेतृत्व में कड़ी पुलिस व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुए। ‘या हुसैन’ की सदाओं के बीच देर शाम ताजिए सुपुर्द-ए-खाक किए गए। ग्राम सभा नरायनपुर में मातमी जुलूस में पेश इमाम लालगंज हाफिज कारी गुलाम हुसैन के साथ मोहम्मद मोबीन, मोहम्मद शकील, मोहम्मद साबिर, मोहम्मद सगीर, मोहम्मद रईस, मोहम्मद हकीम, मोहम्मद कलीम, पीर गुलाम रमजान, रवि उल्ला समेत तमाम ग्रामवासी जुलूस में मौजूद रहे। यहां गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल देखने को मिली। थाना प्रभारी ने बताया कि कहीं से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। शांति समिति की गाइडलाइन का पालन हुआ। दोनों समुदाय के लोगों ने मिलकर जुलूस का इस्तकबाल किया।