नौवें दीपोत्सव पर अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। राम की पैड़ी पर 26 लाख 11 हजार 101 मिट्टी के दीयों से सरयू तट जगमगाने वाला है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की 75 सदस्यीय टीम ने शनिवार शाम ड्रोन की मदद से इन दीयों की गिनती पूरी कर ली। रविवार को मुख्य कार्यक्रम से पहले सभी दीयों में तेल और बाती डालने की प्रक्रिया शुरू होगी।
अवध विश्वविद्यालय की निगरानी में 30 हजार स्वयंसेवकों ने सरयू के 56 घाटों पर करीब 29 लाख दीये सजा दिए हैं। तेज धूप के बावजूद छात्र-छात्राएं और स्वयंसेवक लगातार तीसरे दिन दीये बिछाने में जुटे रहे। कई घाटों पर दीयों से रामायण कालीन प्रसंगों, स्वास्तिक चिन्ह, बड़े दीपक और रंगोली जैसे आकर्षक डिज़ाइन बनाए गए हैं। घाट नंबर 10 पर 80 हजार दीयों से सजाई गई स्वास्तिक पूरी दुनिया में शुभता का संदेश देगी।
दीयों को जलाने के लिए प्रत्येक स्वयंसेवक को सरसों के तेल की एक लीटर बोतल दी जाएगी। दीयों में तेल डालने के बाद बाती पर कपूर पाउडर लगाया जाएगा, ताकि प्रज्ज्वलन में आसानी हो। घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त है, बिना पहचान पत्र किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा। कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि इस वर्ष का दीपोत्सव “अलौकिक और अविस्मरणीय” होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ साढ़े छह घंटे तक दीपोत्सव के हर क्षण के साक्षी रहेंगे। उनका आगमन दोपहर 2:15 बजे हेलीपैड पर होगा। वे रामकथा पार्क में श्रीराम-सीता अवतरण, भरत मिलाप, पूजन-अर्चन, प्रतीकात्मक राज्याभिषेक और साधु-संत सम्मान जैसे कार्यक्रमों में शामिल होंगे। शाम को वे सरयू आरती, दीप प्रज्ज्वलन, 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर-ड्रोन शो और म्यूजिकल आतिशबाजी का अवलोकन करेंगे।
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में यातायात व्यवस्था के लिए विशेष डायवर्जन लागू किए गए हैं। 19 से 20 अक्टूबर तक पुराने सरयू पुल, रामपथ, नयाघाट और टेढ़ीबाजार क्षेत्रों में आम वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। पूरा शहर भगवान राम की नगरी की भव्यता में डूबकर दीपों की ज्योति से आलोकित होने को तैयार है।