फफूंद थाना क्षेत्र के गांव भर्रापुर में तहसील प्रशासन ने सड़क पर हुए कब्जे को खाली कराया। जबकि एक किसान ने तहसीलदार पर आरोप लगाया है कि मनमाने तरीके से कोर्ट के स्टे की जमीन पर बुलडोजर चला दिया। हालांकि तहसीलदार ने आरोपों से इन्कार किया, कहा कि स्टे वाली जमीन को छोड़कर दूसरी जमीन पर बुलडोजर चला है। गांव भर्रापुर निवासी किसान रामेंद्र कुमार त्रिपाठी लला ने बताया कि गांव में उसकी जमीन है। जमीन के बगल में कुछ लोगों के मकान बने हुए हैं। जिनके दरवाजे इसी जमीन की ओर बने हुए हैं। इन्हीं मकान मालिक अरुण कुशवाह, उमाकांत, अन्नू, रामशंकर, कैलाश बाबू, मनोहर सिंह, अभयराम आदि ने 27 नवंबर को डीएम को प्रार्थनापत्र देकर मकान के सामने सड़क बनवाने की मांग की थी। जिसको लेकर गुरुवार को तहसीलदार रणवीर सिंह, कानूनगो संतोष सेंगर, लेखपाल अशोक दोहरे, लेखपाल प्रदीप कुमार जेसीबी और पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंचे। किसान रामेंद्र की जमीन की पैमाइश शुरू कर दी। अचानक पैमाइश देख किसान ने तहसीलदार को जमीन को अपना बताया। बताया कि यहां कोई चकरोड कागजों में दर्ज नहीं है। साथ ही कोर्ट का स्टे आर्डर भी दिखाया। बावजूद इसके तहसीलदार ने पैमाइश जारी रखी।