गैर अनुबंधित होटलों पर रोडवेज बसों को चालक और परिचालक बेखौफ रोक रहे हैं। लोगों में चर्चा है कि परिवहन निगम के अफसरों की महरबानी से चालक-परिचालक कमाई के लिए बसों को रोक रहे हैं। अमरोहा जिले में दिल्ली-लखनऊ हाईवे किनारे दो ही होटल रोडवेज बसों के लिए अनुबंधित हैं। एक मेला और दूसरा है यकबगड़ी गांव के निकट। इन दोनों ही होटल पर रोडवेज बसों को चालक रोक सकते हैं। इनके अलावा और कोई होटल या ढाबा रोडवेज बसों के ठहराव के लिए अनुबंधित नहीं है। इसके बाद भी चालक बसों को बेखौफ होकर रोक रहे हैं, जबकि परिवहन निगम के एआरएम या अन्य किसी अधिकारी द्वारा पकड़े जाने पर कार्रवाई भी की जाती है। इसके बाद भी चालक और परिचालक बेखौफ होकर रोक रहे हैं। शनिवार को शहवाजपुर डोर में उत्तराखंड परिवहन निगम की बस को चालक ने होटल पर रोका और काफी देर बाद वहां से ले गया। हैरत की बात यह है कि परिवहन निगम के किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा बसों का फोटो किया जाता है या वीडियो बनाई जाती है तो होटल के कर्मचारी उनके साथ अभद्रता पर उतारू हो जाते हैं। एआरएम कृष्ण चंद्र गौड़ ने बताया कि गैर अनुबंधित होटल पर बस पकड़ने पर उनके निरीक्षक के साथ कई बार अभद्रता की नौबत आ गई। जो बस पकड़ी जाती है, उसकी डिपो को लिखा जाता है। शनिवार को बस रोके जाने की जानकारी मिली। निरीक्षक को भेजा तो तब तक बस जा चुकी थी।