श्रीमद भागवत कथा शुरू होने से पूर्व श्रीराम मंदिर की परिक्रमा कर भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा के आगे सिर पर धार्मिक ग्रंथ धारण कर चल रहे थे। कुछ दूर पैदल चलने के बाद कथा व्यास भव्य रथ पर विराजमान होकर कथा स्थल तक गए। कथा व्यास ने श्रीमद भागवत कथा की महत्ता सुनाई।