औद्योगिक क्षेत्र में रेलवे लाइन पर बनाए जा रहे ओवरब्रिज में इस्तेमाल होने वाली निर्माण सामग्री को पहले लैब में जांचा और परखा जाएगा। मानक के अनुरूप होने पर उसका इस्तेमाल होगा। इसके लिए आरएमसी प्लांट के निकट लैब बनाई गई है। जिसमें दो तकनीशियन तैनात रहेंगे। औद्योगिक क्षेत्र में दिल्ली-लखनऊ रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री सीमेंट, कंंक्रीट आदि को मिक्स करने के लिए यूपीसीडा की भूमि पर रेडिमेड आरएमसी प्लांट लगाया गया है। जिसको चलाने के लिए बिजली विभाग से कनेक्शन लिया है। इस पर 6 लाख रुपये खर्च हुए हैं। तीन लाख रुपये खर्च कर ट्रांसफार्मर रखवाया गया है। इसके परिसर में ही लैब बनाई जा रही है। जिसमें तकनीशियन मौजूद रहेंगे। ओवरब्रिज में सीमेंट, सरिया, कंक्रीट आदि जो भी सामग्री इस्तेमाल की जाएगी, उसे लगाने या इस्तेमाल करने से पूर्व लैब में उसका परीक्षण किया जाएगा कि वह मानक के अनुरूप है या नहीं। साइट इंचार्ज प्रकाश तिवारी का कहना है कि जो सामग्री लैब के परीक्षण में मानक पर खरी नहीं उतरेगी, उसे इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। मानक से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।