भाकियू संयुक्त मोर्चा के प्रदूषण के खिलाफ चल रहे धरने में जल और प्रदूषण विभाग का पुतला फूंका गया। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष और किसानों ने कहा कि जिस बगद नदी का जल लोग पीते थे, आज औद्योगिक इकाइयों के कारण जहरीला हो गया। प्रदूषण के खिलाफ ठोस कार्रवाई पर ही धरना समाप्त किया जाएगा रविवार को हाईवे किनारे धरने पर बैठे किसानों ने जल विभाग और प्रदूषण विभाग का पुतला बनाया। जिसे नारेबाजी कर आग हवाले कर दिया। इस दौरान आक्रोशित किसानों ने कहा कि एनजीटी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मानवाधिकार आयोग जैसी संस्थाएं स्वतंत्र कार्य नहीं कर रही हैं। उन पर क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाली औद्याेगिक इकाइयों का दबाव है। जिसके चलते पर्यावरण संरक्षण कागजी रह गया है। जांच रिपोर्ट दबाई जा रही है। मगर संगठन किसी दबाव में अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेगा। इस अवसर पर अरुण सिद्धू, रामकृष्ण चौहान, अहसान अली, होमपाल सिंह, ओम प्रकाश सिंह, रमेश चंद्र, आजम चौधरी, रामचंद्र सिंह, मनोहर लाल, सत्यपाल सिंह, हाजी नन्हू सैफी, सोमपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, तनवीर सिंह, रघुवीर सिंह, सूखे सिंह, गंगाराम सिंह, रामशरण सिंह, जसवंत सिंह, चंद्रपाल सिंह आदि माैजूद रहे।