फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VIDEO: यूपीटीईटी के दूसरे दिन अभ्यर्थियों ने साझा किए अनुभव, किसी को आसान तो किसी को उलझाने वाला लगा पेपर

यूपीटीईटी परीक्षा के दूसरे दिन शुक्रवार को परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को लेकर अलग-अलग अनुभव साझा किए। अधिकांश परीक्षार्थियों ने कहा कि प्रश्नपत्र संतुलित था, हालांकि कुछ ने बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (सीडीपी), तार्किक क्षमता और सामाजिक अध्ययन (एसएसटी) के प्रश्नों को अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण बताया। प्रतापगढ़ के संजय कुमार ने बताया कि पढ़ाई से जुड़े प्रश्न अच्छे रहे, लेकिन तार्किक क्षमता वाले सवाल अधिक थे। उनका कहना था कि जिन अभ्यर्थियों की विश्लेषण क्षमता बेहतर रही, उनके लिए प्रश्नपत्र कठिन नहीं था। प्रतापगढ़ के संजीत कुमार ने सीडीपी खंड के प्रश्नों को अपेक्षाकृत कठिन बताया। वहीं पट्टी ब्लॉक में शिक्षक पद पर कार्यरत हरिश्चंद्र मौर्य ने कहा कि सभी विषयों से पूछे गए प्रश्न सरल और पाठ्यक्रम के अनुरूप थे। बेलखरनाथ धाम क्षेत्र के निवासी और पिछले 18 वर्षों से परिषदीय विद्यालय में कार्यरत शिक्षक मोहम्मद शाहिद ने बताया कि उर्दू विषय के प्रश्न बेहतर रहे, जबकि अन्य विषयों का स्तर भी संतुलित था। प्रतापगढ़ के लभुआ ब्लॉक में तैनात शिक्षक संतोष सिंह प्रतापगढ़ी ने प्रश्नपत्र को संतुलित बताते हुए कहा कि इसमें सभी विषयों को समुचित स्थान दिया गया। उनका मानना था कि नियमित तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को पेपर हल करने में विशेष परेशानी नहीं हुई। उन्होंने परीक्षा केंद्र घर से अधिक दूर न बनाए जाने और कार्यरत शिक्षकों की बार-बार परीक्षा कराने पर भी सवाल उठाए। अभ्यर्थी रागिनी तिवारी ने बताया कि सामाजिक अध्ययन के कुछ प्रश्नों ने उन्हें उलझाया। उन्होंने कहा कि आठ वर्ष पहले भी उन्होंने यूपीटीईटी दी थी। अब भर्ती का अवसर मिलने की उम्मीद में उन्होंने दोबारा परीक्षा देकर अंक सुधारने का प्रयास किया है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें