अखिल भारतीय ब्राह्मण परिवार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए कानून का पुरजोर विरोध किया है। मंगलवार को संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें प्रस्तावित कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की गई है। संगठन का मानना है कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 धर्म, जाति और सामाजिक सौहार्द पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। जिलाध्यक्ष शिवम मिश्र ने कहा कि वर्तमान सरकार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम में वर्ष 2012 के बाद वर्ष 2026 में संशोधन कर यह नया बिल प्रस्तुत किया है, जो शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक ताने-बाने को भी प्रभावित करेगा। इसे जनभावनाओं के विपरीत बताते हुए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की गई है। कहा कि शिक्षा नीति में किसी भी प्रकार का बदलाव सभी वर्गों की सहमति और व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में असंतोष व्याप्त है और इसे वापस लेना ही जनहित में होगा। इस दौरान राजकुमार तिवारी, रमाकांत मिश्रा, शिवम पांडेय, आलोक मिश्रा, जमुना प्रसाद शुक्ला, अनुभव मिश्रा और कैलाश मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।