धान की रोपाई का सीजन शुरू हो गया है, लेकिन डीएपी की कमी किसानों के लिए बड़ी चिंता बन गई है। इफको सेंटर गौरीगंज सहित कई सहकारी समितियों पर डीएपी उपलब्ध नहीं है। किसान सुबह से लाइन लगा रहे हैं, लेकिन खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। यूरिया कुछ केंद्रों पर उपलब्ध है, मगर डीएपी की अनुपलब्धता के कारण खेत की तैयारी अधूरी रह जा रही है। गौरीगंज, आनापुर समेत जिले की अधिकांश सहकारी समितियों पर डीएपी नहीं है। सोमवार दोपहर 12 बजे गौरीगंज इफको सेंटर पर किसान डीएपी और यूरिया के लिए सुबह से लाइन में लगे दिखे। यहां यूरिया, पोटाश, नैनो डीएपी और नैनो यूरिया स्टॉक में थी। नरौली गांव निवासी मोहम्मद कैफ ने बताया कि उन्हें दो-दो बोरी डीएपी और यूरिया चाहिए थी। यूरिया तो मिल गई, लेकिन डीएपी नहीं मिली। पलिया के बाबूलाल साहू बोले, तीन बोरी यूरिया मिली है, लेकिन डीएपी नहीं है। नरौली के इबरान ने कहा कि डीएपी नहीं मिली। अब कहीं और जाकर देखना पड़ेगा। किसान गुलफान ने बताया कि रोपाई करनी है। यूरिया मिल गई है, लेकिन डीएपी के लिए दोबारा आना पड़ेगा। लक्ष्मणपुर निवासी हरिहर दत्त मिश्र ने कहा कि मजबूरी में पोटाश और सागरिका लेना पड़ा। डीएपी नहीं थी। दोपहर एक बजे जीजीआईसी मोड़ स्थित माधवपुर समिति पर डीएपी और यूरिया उपलब्ध थी। वहां किसान रमेश कुमार और दिनेश चंद्र ने बताया कि एक बोरी खाद आसानी से मिल रही है, लेकिन दो बोरी लेने पर एक बोतल नैनो खाद जबरन दी जा रही है। इसी सप्ताह पहुंचेगी इफको डीएपी रैक जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार यादव ने बताया कि इफको की डीएपी रैक स्वीकृत हो चुकी है, जो इसी सप्ताह आ जाएगी। विभाग की निगरानी में वितरण की प्रक्रिया चल रही है।